"शहीद की शहादत"
वो माटी का बेटा था, वतन का रखवाला,
हर सांस में बसा था उसका देश, निराला।
कोबरा की वर्दी में, दिल था फौलादी,
हाथों में बंदूक, आँखों में आग सादी।
तुमरेल की धरती आज फिर भीगी है,
एक माँ की गोद सूनी, एक चिता जली है।
नक्सली वार में लड़ते-लड़ते चला गया,
पर झुका नहीं, शेर बन कर ढह गया।
मेहुल सोलंकी, तेरा नाम अमर रहेगा,
तेरी कुर्बानी हर दिल में उतर रहेगा।
शहीदों की ये धरती तुझ पर गर्व करेगी,
तेरी हर कहानी, हर पीढ़ी को सिखाएगी।
सलाम है तुझे, ओ वतन के सिपाही,
तेरे बलिदान पे हर आँख है गवाही।
तेरी याद में आज आसमाँ भी रोया है,
एक वीर सपूत फिर धरती छोड़ गया है।
शत-शत नमन।
आखिर क्यों नहीं मिलती armed force के जवानों को IRCTC railway ticket कंफर्म टिकट आखिर क्यों मिलती है waiting list ?
दरअसल, Indian Army के जवानों के लिए रेलवे में एक अलग कोटा होता है, जिसे Defence Quota या Defence Warrant कहते हैं। इस कोटे के तहत जवान अपनी यूनिट से रेलवे वारंट लेकर टिकट बुक करवाते हैं। ये बुकिंग सीधे रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से होती है — और IRCTC की ऑनलाइन बुकिंग में इन वारंट्स का सिस्टम नहीं है। IRCTC पर सामान्य यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग होती है, जिसमें confirm, RAC, या waiting मिलती है। अब क्योंकि हर ट्रेन में Defence Quota की सीटें सीमित होती हैं और ज़्यादातर जवान ड्यूटी या छुट्टी पर आने-जाने के लिए काउंटर से ही बुक कराते हैं, इस वजह से IRCTC पर confirm टिकट मिलना मुश्किल होता है। दूसरा कारण: IRCTC की बुकिंग में जनरल कोटा के मुकाबले Defence Quota का सिस्टम ऑनलाइन ऐड नहीं किया गया। और जो सीटें बचती हैं, उन पर भारी competition होता है। तीसरा कारण: रेलवे में पहले से ही VIP, Tatkal, Ladies, Senior Citizen, आदि कई कोटे होते हैं, जिनमें सीटें अलग रखी जाती हैं। Army का कोटा छोटा होता है, और उसमें पहले से काउंटर बुकिंग ज़्यादा होती है, इसलिए ऑनलाइन में कम ही मौका मिलता है। Defence Quo...

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